Saturday, August 25, 2012

अभिवयक्ति की आजादी पर खतरा


कुछ लोगो की अभिवयक्ति की आजादी को सरकार ने कुचल दिया बेहद दुख की बात है क्या कुछ लोगो की आलोचना सुनने की ताकत ख़त्म हो गयी है? क्या हमारा सरकारी तंत्र केवल एक तरफ़ा विचार रखता है ? क्या देश की सरकार का right of expression से भरोसा उठ गया है ? हम आवश्यकता से अधिक सोच रहे है ?
सरकार के करप्शन जिसने अभी तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए और इस पर देश के लोगो ने फेसबुक और ट्विटर पर जेसे प्रतिक्रिया दी तो इससे क्या सरकार डर गयी आज इन लोगों ने कुछ लोगो की स्वतंत्रता को कुचला हैI तो क्या कल सभी की बारी है एसा लगता है की ये सरकार का एक प्रयोग हैI फिर से 1975 की परिस्थिति को दोहराने के लिए कर रहे है ?

2 जी स्पेक्ट्रम घोटाला: हम भारत में घोटाले के एक नंबर मिला है I लेकिन कोई भी एकीकृत अभिगम सेवा लाइसेंस के आवंटन की प्रक्रिया से जुड़े घोटाले से भी बड़ा है. Rs.1.76 लाख करोड़ रुपए मूल्य के घोटाले के दिल में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा जो सीएजी के अनुसार, हर स्तर पर मानदंडों टाल दिया गया है के रूप में वह एक फेंक दूर किए गए संदिग्ध 2008 में 2 जी लाइसेंस पुरस्कार कीमत है जो 2001 की कीमतों पर आंकी थे.

पर अब इस से भी बड़ा घोटाला सामने हैI जिसमे भारत के प्रधानमंत्री की साख पर आच आई हैI कोयला खनन घोटाले या Coalgate कथित तौर पर एक भ्रष्टाचार के मामले में भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) कार्यालय देश की निजी और राज्य रन संस्थाओं के लिए कोयले के भंडार के बजाय एक अनियमित और मनमाना तरीके में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराने के लिए भारत सरकार पर आरोप लगाया है उन्हें नीलामी बंद उच्चतम बोलीदाता को लगभग 186,000 करोड़ रुपये (33.67 अरब अमेरिकी डॉलर) की 2004-2009 की अवधि के दौरान सरकारी खजाने को नुकसान में जिसके परिणामस्वरूप   यह सभी घोटालों की माँ के रूप में मीडिया के द्वारा कहा जाता है जो  दिखता है की सरकार किस दिशा मे देश को ले जा रही है और इस पर जब जनता सोशल मिडिया पर गुस्सा दिखाती है तो सरकार इस पर भी रोक लगाने की सोचती है ये उनके व्यवहार से दिखता है हमको इस का पूरा विरोध करना चाहिए 

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